छत्तीसगढ़
रामानुजगंज में साइबर ठगी का पर्दाफाश: म्यूल बैंक खाता रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Shantanu Roy
25 Aug 2025 10:09 PM IST

x
छग
Ramanujganj. रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर नकेल कसने की दिशा में रामानुजगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले लोगों को प्रति माह 5000 रुपए की आमदनी का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ट्रांजैक्ट करने में करता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल उर्फ चंद्रमणि सिंह (40), निवासी सिलफिली, सूरजपुर के रूप में हुई है।
मासिक आय का लालच देकर फंसाता था लोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विशाल लोगों को यह झांसा देता था कि यदि वे अपने नाम से बैंक खाता खुलवाएंगे, तो हर महीने उन्हें 5000 रुपए मिलेंगे। इसी प्रलोभन में फंसकर कई ग्रामीणों ने खाते खुलवाए। इनमें से एक था जसनाथ मिंज, जिसका खाता बाद में ठगी में इस्तेमाल हुआ।
केनरा बैंक खाते से हुआ खुलासा
रामानुजगंज थाना क्षेत्र में चल रही म्यूल अकाउंट की जांच के दौरान जसनाथ मिंज का केनरा बैंक खाता संदिग्ध पाया गया। जांच में पता चला कि इस खाते में 3,90,639 रुपए का अवैध लेनदेन हुआ है। रकम विभिन्न साइबर ठगी घटनाओं से जुड़ी थी। इस पर 19 जुलाई को जसनाथ मिंज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
मास्टरमाइंड विशाल गिरफ्तार
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि पूरे रैकेट का संचालन करने वाला मास्टरमाइंड विशाल उर्फ चंद्रमणि सिंह अपने घर में मौजूद है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 25 अगस्त को दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। विशाल पर धोखाधड़ी समेत आईपीसी और आईटी एक्ट की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की सक्रियता और आगे की जांच
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में म्यूल अकाउंट धारकों की जांच की जा रही है। रामानुजगंज थाना प्रभारी ने बताया कि अन्य खाताधारकों और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। अनुमान है कि आरोपी ने कई लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए हैं।
म्यूल अकाउंट क्या है?
साइबर अपराध में म्यूल अकाउंट वह खाता होता है, जिसे ठगी की रकम को जमा और आगे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अपराधी सीधे अपने नाम से लेन-देन नहीं करते, बल्कि दूसरों के खातों का इस्तेमाल कर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करते हैं। इस प्रक्रिया में खाता धारक भी कानूनी रूप से अपराधी माना जाता है। रामानुजगंज पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में लालच में आकर अपने नाम से बैंक खाता दूसरों को उपलब्ध न कराएं। यदि ऐसा किया जाता है, तो खाता धारक खुद भी ठगी के अपराध में आरोपी बन सकता है। यह गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता और साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवchhattisgarh news hindichhattisgarh newschhattisgarh latest newschhattisgarh news updatechhattisgarh hindi news todaychhattisgarh hindinews hindi news chhattisgarhchhattisgarh hindi newschhattisgarh news liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





